Chanakya Niti In Hindi ( चाणक्य नीति )

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Chanakya Niti In Hindi : आचार्य चाणक्य उस समय के महान विभूति थे । वह विध्वत्ता और बुद्धिमता और क्षमता इन चीज़ों से परीपूर्ण थे । इसी के साथ आचार्य चाणक्य मौर्य साम्राज्य के राजनीतिज्ञ और अर्थशास्त्र के रुप मे प्रसिद्ध थे । चाणक्य नीति आचार्य चाणक्य ने लिखी थी । महापंडित आचार्य चाणक्य की चाणक्य नीति हम बता रहे है । 


१. तीनों लोकों के स्वामी सर्वशक्तीमान भगवान विष्णु को नमन करते हुए मै एक राज्य के लिए नीति शास्त्र के सिद्धांत को कहता हूं । मै यह सूत्र अनेक शास्त्रों का आधार लेकर कह रहा हूँ ।

२. एक पंडित भी घोर कष्ट मे आ जाता है यदि वह किसी मूर्ख को उपदेश देता है । यदि वह एक दुष्ट पत्नी का पालन करता है । या किसी दुखी व्यक्ति के साथ अत्यंत घनिष्ट संबंध बना लेता है ।

३. दुष्ट पत्नी झूठा मित्र बदमाश नोकर और सर्प के साथ निवास साक्षात मृत्यु के समान है ।

४. व्यक्ति को आनेवाली मुसीबतो से निपटने के लिए धन संचय करना चाहिए । उसे धन सम्पदा त्यागकर भी पत्नी की सुरक्षा करनी चाहिए । लेकिन यदि आत्मा की सुरक्षा की बात आती है तो उसे धन और पत्नी दोनों को तुक्ष्य समजना चाहिए । 

५. भविष्य मे आनेवाली मुसीबतो के लिए धन एकत्रित करे । ऐसा ना सोचे की धनवान व्यक्ति को मुसीबत के लिए धन एकत्रित करे।  ऐसा न सोचे की धनवान व्यक्ति को मुसीबत कैसी ? जब धन साथ छोड़ता है तो संघटित धन भी तेजी से घटने लगता है। 

६. उस देश में निवास न करे जहा आपकी कोई इज्जत न हो , जहा आप रोजगार नही कमा  सकते , जहा आपका कोई मित्र नही और जहा आप ज्ञान अर्जित नही कर सकते। 

७. ऐसे जगह एक दिन भी निवास न करे जहाँ निम्नलिखित पांच न हो - एक धनवान व्यक्ति। एक ब्राम्हण जो वैदिक शास्त्रो में निपुण हो। एक राजा। एक नदी और एक चिकिस्तक। 


८. बुद्धिमान व्यक्ति को ऐसे देश में कभी नही जाना चाहिए जहाँ - रोजगार कमाने का कोई माध्यम न हो। जहा लोगो को किसी बात का भय न हो। जहा लोगो को किसी बात की लज्जा न हो। जहा लोग बुद्धिमान न हो।  और जहा लोगो की वृध्दि दान धर्म करने की न हो। 

९. नौकर की परीक्षा तब करे जब वह कर्तव्य का पालन न कर रहा हो। रिश्तेदार की परीक्षा तब करे जब आप मुसीबत में घिरे हो। मित्र की परीक्षा विपरीत परिस्थितियों में करे और जब आपका वक्त अच्छा न चल रहा हो तब पत्नी की परीक्षा करे। 

१०. अच्छा मित्र वही है जो निम्नलिखित परिस्थितियों में नहीं त्यागे - आवशक्यता पड़ने पर , किसी दुर्घटना पड़ने पर , जब अकाल पड़ा हो , जब युद्ध चल रहा हो , जब हमे राजा के दरबार में जाना पड़े और जब हमे समशान घाट जाना पड़े। 

११. जो व्यक्ति किसी नाशवंत चीज के लिए कभी नाश नही होने वाली चीज को छोड़ देता है , तो उसके हाथ से अविनाशी वस्तु तो चली ही जाती है और इसमें कोई संदेह नही की नाशवान को भी वह खो देता है। 

१२. महिलाओ में पुरुषो की अपेक्षा - भूख दो गुना , लज्जा चार गुना , साहस छः गुना , और काम आठ गुना होती है। 

१३. एक बुद्धिमान व्यक्ति को किसी इज्जतदार घर की अविवाहित कन्न्या से किस व्यंग होने के बावजूद भी विवाह करना चाहिए। उसे किसी हिन् घर की अत्यंत सुन्दर स्त्री से भी विवाह नही करना चाहिए। शादी विवाह हमेशा बराबरी के घरो में ही उचित होता है। 

१४. झूठ बोलना , कठोरता , छल करना , बेवकूफी करना , लालच , अपवित्रता और निर्दयता ये औरतो के कुछ नैसर्गिक दुर्गुण है। 

१५. एक बुरे मित्र पर तो कभी विश्वास न करे। एक अच्छे मित्र पर भी विश्वास न करे। क्योंकि ऐसे लोग आपसे रुष्ट होते है तो आपके सभी राज से पर्दा खोल देंगे। 



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1 comments:

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life razy
admin
October 18, 2016 at 11:01 PM ×

bahut hi badhiya story likhi hai tumne bro......

Congrats bro life razy you got PERTAMAX...! hehehehe...
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